fbpx

कोरोना को हराकर जीती जिंदगी की जंग

May 28, 2021

श्री साई मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर नाहन में उत्तराखंड से आये 57 वर्षीय अजय कुमार ने कोरोना को हरा कर जीती जिंदगी की जंग। कोरोना काल में उत्तराखंड के अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन न मिलने के कारण उनका इलाज नहीं हो पाया। उत्तराखंड के एक निजी अस्पताल में अजय कुमार का ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उनको दाखिल करने से मना कर दिया गया। उसके बाद वो लोग पौंटा साहिब सिविल अस्पताल में पहुंचे। सिविल अस्पताल पौंटा साहिब से पूर्ण सुविधा न होने के कारण उन्हें श्री साई हॉस्पिटल नाहन आने की सलाह दी गयी।श्री साई अस्पताल में 15 दिन के इलाज के बाद उन्हें घर भेजा गया।


डॉ. निशा ने बताया की रोगी के एड्मिशन के दौरान उनकी ऑक्सीजन लेवल 85 से कम थी । उनकी हालत बेहद नाजुक थी। उनको सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही थी। कुछ दिन बाद उनकी स्थिति और ख़राब होने लगी , उनकी ऑक्सीजन लेवल 20 प्रतिशत पहुँच गयी थी। लेकिन सही इलाज के बाद वो धीरे धीरे स्वस्थ होने लगे। लगभग 15 दिन के इलाज के बाद वो पूर्णता स्वस्थ हो गए।


अजय कुमार की पत्नी रजनी ने बताया की वो केरल के रहने वाले है और फिलहाल उत्तराखंड में रहते है। उनके पति कोरोना की चपेट में आ गए थे। विकास नगर में कई अस्पतालों में इलाज के लिए भटके लेकिन कहीं बेड ना मिला कहीं ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उनको अस्पताल ने दाखिल करने से मना कर दिया। फिर पौंटा साहिब के सिविल अस्पताल से श्री साई हॉस्पिटल नाहन की जानकारी मिली और हम यहाँ आ गए। 15 दिन तक अस्पताल में इलाज चला और ये बिलकुल ठीक हो गए। फिर एक सप्ताह हम नाहन में रहे और अब अपने घर वापिस लौटें है। श्री साई अस्पताल के डॉ निशा का धन्यवाद करते हुए रजनी ने कहा की डॉ. निशा ने उनके पति की जान बचाई है। डॉ निशा तो उनके जीवन में भगवन बन कर आये हैं। साथ ही नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट सुमा साजु और उनके स्टाफ ने हमारी और मेरी पति की हर पल सहयोग किया। हमारा पूरा परिवार उनका दिल से धन्यवाद करता है।


Copyright by Shri Sai Hospital 2018. All Rights Reserved.