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58 वर्षीय महिला की उपकरण ग्रंथि का किया गया सफल इलाज

March 2, 2021

श्री साई मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर , नाहन के नाक, कान एवं गला रोग विभाग में नाहन निवासी , 58 वर्षीय महिला की उपकरण ग्रंथि का सफल इलाज किया गया । नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ अनूप कुमार रॉय ने जानकारी देते हुए बताया की इस केस में महिला रोगी के चेहरे के दाईं तरफ एक गाँठ बनने लगी थी। 2012 में पहली बार रोगी ने सोलन में दिखाया था वहां उसे छोटी समझ कर बिना उपचार के रहने दिया. जिसके बाद धीरे धीरे यह गाँठ बढ़ने लगी। रोगी शनिवार को श्री साई मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर , नाहन में इलाज के लिए आयी। टैस्ट में हमने पाया की ये एक ट्यूमर है जो की महिला के चेहरे के दाईं ओर बाहर की और बढ़ रहा था। रविवार को ऑपरेशन के माध्यम से इस ट्यूमर को निकाल दिया गया। रोगी बिलकुल स्वस्थ है।


डॉ. अनूप कुमार ने बताया की हमारे चेहरे में पैरोटिड ग्रंथियां जिसे उपकरण ग्रंथि भी कहते है। इससे मुँह में लार का निर्माण होता है। पैरोटिड ग्रंथियां सबसे बड़ी लार ग्रंथि हैं। ये ग्रंथि सिर के दोनों ओर कर्णपल्लव के कुछ नीचे स्थित होती हैं. इनकी वाहिनियाँ ऊपरी कृन्तक दाँतों के पीछे खुलती हैं. हमारे मुख में वे लगभग 20% लार को स्रावित करती हैं। इस लार को सीरस (serous) के रूप में भी जाना जाता है यानी अधिक तरल और द्रव। यह भोजन के पाचन का पहला चरण “चबाने” में मदद करती है जिससे भोजन लार की मदद से एक घोल में परिवर्तित हो जाता है और निगलने में आसानी होती है।


नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ एवं हेड व नैक सर्जन डॉ. अनूप कुमार रॉय ने बताया की इस प्रकार की यह नाहन क्षेत्र में पहली सर्जरी है। उन्होंने बताया की नाक, कान एवं गला रोग से परेशान रोगी उन्हें प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को मिल सकते है। श्री साई मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर , नाहन में गंभीर से गंभीर रोगो का इलाज सम्भव हो रहा है। अब सिरमौर वासिओं को चंडीगढ़ या पंचकूला जैसे बड़े शहरों की और नहीं जाना होगा।


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