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कोरोना संकट में गर्भवती महिलाएं कैसे रहें सुरक्षित क्या-क्या बरते सावधानी बता रही है सिनियर गायनोक्लोजिस्ट डॉ श्रद्धा बेदी 

July 31, 2020
Shri Sai Hospital Building
Shri Sai Hospital Building

कोरोना संकट में गर्भवती महिलाएं कैसे रहें सुरक्षित क्या-क्या बरते सावधानी बता रही है सिनियर गायनोक्लोजिस्ट डॉ श्रद्धा बेदी

Obstetrics and Gynaecology and Infertility

कालाअंब की गर्भवति महिलाओ को अब नही होगी परेशानी, कालाअंब के पॉली क्लीनिक में होगी गायनी की ओपीडी

नाहन
श्री साई अस्पताल की नई पहल के तहत कालाअंब में एक बेहतरीन श्री साई पॉली क्लीनिक को खोला गया है। जिसका उद्घाटन 30 जुलाई को किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंची श्री साई अस्पताल की निदेशक व वरिष्ठ गायनोक्लोजिस्ट डॉ श्रद्धा बेदीे ने बताया कि ये बहुत की हर्ष का विषय है कि कालाअंब में भी लोगों को हम सुविधाएं महैया करवा पा रहें है। इतना ही नही कालाअंब में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष ओपीडी भी की जाएगी। उन्होने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना को लेकर बहुत की संवेदनशीन माहौल बना हुआ है। ऐसे में कालाअंब की गर्भवती महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना होगा। महिलाएं स्वास्थ्य केन्द्रों तक प्रसव पूर्व जांच कराने नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं में तनाव भी बढ़ रहा है और कई तरह परेशानी की आशंका भी उन्हें चिंतित कर रही हैं। परंतु गर्भवती महिलाओं को बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। श्री साई पॉली क्लीनिक में पूरी स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है। कालाअंब के पॉली क्लीनिक सप्ताह में एक दिन गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए ओपीडी रखी जाएगी।
डॉ श्रद्धा बेदी ने बताया कि गर्भ धारण के शुरूआत में ,फिर तीसरे ,छठे व नौंवे माह में अपनी जांच जरूर करवानी चाहिए। जरा सी लापरवाही से थायराइड,शुगर एक्लेम्पिया जैसी बीमारी का पता न चला तो गर्भस्थ शिशु की जान को खतरा हो सकता है। उन्होने कहा कि जब भी जांच करवाने जाएं तो अस्पताल में पहले से ही अपोंइंटमेट लेकर कर जाएं। गर्भवती महिलाएं बार बार हाथो को धोने की आदत डालें। बाहरी लोगों से समाजिक दूरी बनाएं रखें। यदि अस्पताल है तो भीड़ वाली जगहों से दूरी रखें। मास्क को पूरी सावधानी से पहने, साथ ही सार्वजनिक चीजों को छुने से बचें।
तनाव बढ़ता है।
डॉ बेदी कहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान हार्मोन बदलते हैं ऐसें में तनाव बढ़ जाता है। तनाव से बचने के लिए प्राणायाम,अनुलोम विलोम और योगा करना चाहिए। ऐसे में क्या एक्सरसाइज करना है और योगा क्या करना है यह चिकित्सक से अवस्य पूछ लें । अपने मन से कोई भी व्यायाम न करें। इस अवस्था में विटामिन सी जिसमें हो वह चीजें अधिक लें जैसे-आंवला,संतरा,नींबू इत्यादि।
प्रसव पूर्व जांच कराने से फायदा
गर्भवती महिला के स्वास्थ्य जिसमें हिमोग्लोबीन,एचआईवी,ब्लड प्रेशर,थायराइड ब्लड ग्रुप,गर्भ में पल रहे शिशु की पोजिशन आदि की पूरी जानकारी मिल जाती है।
जांच में कोई बीमारी अगर शुरूआती दौर में पता चल जाती है तो उसका इलाज करके मां और बच्चे के जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है। गर्भधारण के तीन माह के बाद गर्भवती महिला को टिटनेस का टीका भी लगाया जाता है। इसके अलावा
आयरन कैल्शियम की टेबलेट दी जाती है जोकि गर्भवती महिला एवं शिशु की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है।

यह लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं
गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार के रक्त स्त्राव होने पर
धुंधला दिखाई देने के साथ साथ तेज सिर दर्द
प्रसव पीड़ा शुरू होने के 12 घंटे में भी प्रसव न होना
गर्भावस्था के आठ माह से पहले ही प्रसव दर्द शुरू होना
प्री मेच्योर अथवा प्रसव पूर्व झिल्ली का फटना,पेट में लगातार तेज दर्द होना
अपनी खान पान का रखे ख्याल
डॉ बेदी ने बताया कि गर्भवती महिला को 6 बादाम ,2 अखरोट और 10 किशमिश सुबह खाना चाहिए। बीपी कंट्रोल ही रखना है।
खाना हर दो घंटे में खाना खाना चाहिए।
हर हाल में 8 घंटे सोना चाहिए।
प्रोटीन के लिए इस समय नोनवेज नहीं खा रहे हों तो अंडा खा सकते हैं।


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